मेक्सिको के इंतहा सिक्योर जेल में चक्कर
लगाता हुआ यह शख्स कोई आम आदमी नहीं बल्कि
दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक ड्रग
स्मगलर एल चैपो है इसके सेल में खास
सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं जिनकी मदद से
24 घंटे इस पर नजर रखी जाती है इसके सेल
में ना कोई रोशन दान है और ना ही कोई
खिड़की सिर्फ कोने में एक शावर एरिया बना
हुआ है मजे की बात यह कि इतनी सिक्योरिटी
और नजर रखने के बा वजूद भी एल चैपो
चलते-चलते शावर एरिया की तरफ जाता है और
फिर दोबारा सिक्योरिटी स्टाफ को नजर नहीं
आता आधे घंटे के बाद जब उनको शक हुआ तो वह
सेल के अंदर गए लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा
ड्रग स्मगलर भाग चुका था आखिर वह कहां से
और कैसे भागा आइए एल चेपो की जिंदगी और
उसकी स्केप पर नजर डालते हैं जेम टीवी की
वीडियोस में एक बार फिर से खुशामदीद 1957
में मेक्सिको के एक छोटे से टाउन दरा ग्वा
तो में पैदा होने वाले एल चैपो का असल नाम
ऑकीन गुजमन है लेकिन बाद में उसने खुद को
एल चैपो का नाम दे दिया उसकी ड्रग
ट्रेडिंग की आदत उसको विरासत में मिली थी
उसका बाप जो खुद भी एक छोटा मोटा ड्रग
डीलर था उसने छोटी एज में ही एल चैपो को
घर से निकाल दिया था एल चैपो के पास
गुजारा करने के लिए कोई रोजगार नहीं था और
ढूंढने पर भी जब उसे कुछ नहीं मिला तो
उसने भी ड्रग्स बेचना शुरू कर दी सिर
सिर्फ 15 साल की एज में ही उसने खुद
ड्रग्स उगाना शुरू कर दी वह अपने लिए कोई
सुनसान एरिया चूज करता और वहां पर मेरवाना
उगाने लगता आहिस्ता आहिस्ता उसकी ड्रग
ट्रेडिंग इतनी बढ़ने लगी कि मेक्सिको के
बड़े ड्रग डीलर्स उसको अपने गैंग में लेना
चाहते थे 1970 की दहाई में उसने एल ग्वे
पालमा नामी एक ड्रग ट्रेडिंग गैंग को
जवाइन कर लिया इस गैंग में वो ड्रग की
स्मगलिंग की निगरानी किया करता था और वह
अपने का में इतना सख्त था कि जब भी कोई
डिलीवरी लेट होती या जरा सी भी गलती होती
तो वह डीलर को मार देता था 1980 में उसने
उस वक्त के सबसे मशहूर ड्रग डीलर एल
पेड्रो गडो के गैंग को जवाइन कर लिया यह
गैंग मेक्सिको में ड्रग ट्रेडिंग का सबसे
बड़ा गैंग था एल चेपो को इस गैंग में भी
लॉजिस्टिक्स और ड्रग शिपमेंट की
जिम्मेदारी दी गई उसका काम कोलंबिया से
मेक्सिको आने वाली ड्रग्स पर नजर रखना था
लेकिन 1989 में गैंग का लीडर गडो एजेंसीज
के हाथों पकड़ा गया और गैंग टूट गया मौके
का फायदा उठाते हुए एल चेपो ने अपना खुद
का गैंग बनाया जिसे उसने सेना लोवा
कार्टेल का नाम दिया अब अमेरिका में दो
रास्तों से ड्रग्स पहुंचाई जाती थी
ज्यादातर ड्रग्स कैरेबियन की तरफ से आती
थी और दूसरा रास्ता था मेक्सिकन बॉर्डर्स
का अमेरिकन एजेंसीज ने अपना सारा फोकस
कैरेबियन की तरफ रखा हुआ था और बहुत से
ड्रग डीलर्स और गैंग्स पकड़े जा चुके थे
एल ने इसका फायदा उठाया और डिफरेंट चैनल्स
को इस्तेमाल करते हुए यूएसए में ड्रग्स
पहुंचाने लगा वह बहुत सारी ड्रग्स उगाता
था जिसमें मैथम फेट मिन हीरोइन एक्सटेसी
कोकेन और मेरवाना उसको ज्यादा प्रॉफिट
देती थी इसीलिए वह इन्हीं ड्रग्स पर
ज्यादा फोकस करता लेकिन ड्रग्स को यूएसए
में पहुंचाना इतना आसान नहीं था और इसके
लिए वह बहुत ही चालाकी का मुजहरा करते हुए
यह काम करता था व शुरू में ऐसी ड्रग्स
जिनकी ज्यादा स्मेल नहीं होती जैसा कि
कोकेन उसको फायर एक्सटिंग्विशर्स चिली
पेपर के कैंस या फिर कार की रिम्स में
छुपाकर स्मगल करता था जिसको ड्रग सूंघने
वाले कुत्ते भी डिटेक्ट नहीं कर पाते थे
लेकिन मसला यह था कि कोकेन के अलावा दूसरी
ड्रग्स इस तरीके से स्मगल नहीं हो सकती थी
इसीलिए उसने एक ऐसा तरीका इख्तियार किया
जो उसकी पहचान बन गया और वह तरीका था
टनल्स यानी सुरंगे वो लाखों डॉलर्स
इन्वेस्ट करके एक्सपर्ट्स हायर करता और
जमीन के नीचे ऐसी टनल्स बनाता जिसमें
इलेक्ट्रिसिटी और वेंटिलेशन का पूरा
सिस्टम मौजूद था और उन टनल्स के जरिए वह
यूएसए में ड्रग्स स्मगल करने लगा 1990 में
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के ऑफिसर्स
तब हैरान रह गए जब उनको एल चैपो की पहली
टनल मिली वो टनल 300 फीट लंबी और उसमें
बिजली का मुकम्मल बंदोबस्त मौजूद था टनल
एक घर के अंदर निकलती थी जो एल चेपो का
सेफ हाउस हुआ करता था और इमरजेंसी की सूरत
में वह इस टनल के जरिए भाग भी सकता था एल
चेपो को इस धंधे के सारे रूल्स मालूम थे
इसीलिए लाख कोशिश करने के बावजूद भी वह
पकड़ में नहीं आता था नवंबर 2010 में ओटे
मेसा में एक और टनल मिली जिसमें ऐसी ही
फैसिलिटी मौजूद थी लेकिन इसके अलावा जमीन
पर रेल सिस्टम भी नस्क था जिससे
कंस्ट्रक्शन के दौरान मलबा और बाद में
ड्रग्स ट्रांसपोर्ट की जाती थी 2012 में ट
जवाना 2013 में फिर से ओटे मेसा में और भी
टनल्स मिली उसकी कमाल महारत को देखते हुए
एल जपो और उसके गैंग को किंग ऑफ टनल्स कहा
जाने लगा वह अपनी टनल्स इस कदर गहरी बनाता
था कि ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार मशीन भी
इसको डिटेक्ट नहीं कर पाती थी और टनल्स की
एंट्रेंस को वह चालाकी से छुपाया करता था
जैसा कि बाथरूम टब या फिर टॉयलेट के नीचे
टनल्स बनाने से पहले वह जगह को बहुत ध्यान
से चूज करता था उसने ज्यादातर स्मगलिंग
यूएस मेक्सिको बॉर्डर पर मौजूद
कैलिफोर्निया के शहर ओटी मेसा से करने का
इरादा बनाया उसने ओटे मेसा को तीन वजू हात
की बिना पर चूज किया था पहला यह कि ओटे
मेसा दो मेजर ट्रांसपोर्ट हब्स टी जुवाना
और सैन डिएगो के नजदीक था और ड्रग्स को इन
हब्स की वजह से एजेंट्स तक ट्रांसपोर्ट
करना बहुत आसान था दूसरा यह एक
इंडस्ट्रियल एरिया था जहां पर बहुत सी
फैक्ट्रीज थी और फैक्ट्रीज की भारी मशीनस
और ट्रैफिक का शोर ज्यादा था इसीलिए यहां
टनल्स खोदना आसान था क्योंकि खुदाई का शोर
फैक्ट्रीज के शोर में छुप जाता था और
तीसरा रीजन है यहां की मिट्टी क्योंकि इस
शहर के एक तरफ समंदर है जो यहां की मट्टी
को बहुत नरम रखता है इसीलिए यहां पर खुदाई
करना बहुत आसान था जब के दूसरी तरफ पहाड़
हैं जो नरम जमीन को भी मजबूती देते हैं और
इसकी वजह से टनल्स
कोलप्पन उसस के लिए बहुत आइडियल था नाथ
जून 19 93 को मेक्सिकन अथॉरिटीज ने फाइनली
एल चैपो को पकड़ लिया और उसे 20 साल कैद
की सजा सुनाकर जेल में डाल दिया गया लेकिन
यह जेल भी उसके लिए उसका ऑफिस बना रहा वह
जेल स्टाफ को रिश्वत देकर अपने लिए हर एक
सहूल हासिल कर लेता था और अपनी बिजनेस
मीटिंग्स भी अरेंज करवा लेता था ताकि उसका
काम चलता रहे 2001 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ
मेक्सिको ने एक फैसला किया जिसके बाद
यूनाइटेड स्टेट्स और मेक्सिको के दरमियान
क यो के तबादले का प्रोसेस इजी हो गया एल
चेपो जानता था कि यूएसए में ड्रग स्मगलिंग
की वजह से यूएसए की हुकूमत हर सूरत उसको
अपने पास मंगाकर कैद करेगी और फिर वहां से
निकलना आसान नहीं होगा इसीलिए एल जपो ने
पहली बार मेक्सिको की जेल से भागने का
मंसूबा बनाया उसने जेल गार्ड्स को 2 लाख
डॉलर की रिश्वत दी और लांड्री बास्केट में
बैठकर जेल से भाग निकला अगले 13 सालों तक
उसने फिर से अपनी टनल्स ड्रग ट्रेड और
दूसरे क्राइम्स की वजह से बगैर पकड़े
यूएसए और मेक्सिको की सरकार की नाक में दम
किए रखा लेकिन 13 साल की मेहनत के बाद
मेक्सिकन एजेंसीज को उसकी एग्जैक्ट लोकेशन
पता चल गई और उसके घर पर रेड कर दी गई अब
की बार भी उसने अपने भागने का बंदोबस्त कर
रखा था वह बाथरूम में बाथ टब के नीचे एक
सीक्रेट टनल में घुस गया लेकिन अथॉरिटीज
ने उसको ज्यादा दूर नहीं जाने दिया और
फाइनली व एक बार फिर से पकड़ा
अब उसे मेक्सिको की सबसे महफूज जेल एलटी
प्लानो मैक्सिमम सिक्योरिटी प्रिजन में
भेज दिया गया और उस पर खुसूसी नजर रखी
जाने लगी लेकिन सिर्फ एक साल के बाद 11th
जुलाई 2015 को जब वह अपने सेल में टहल रहा
था तो रात को
850 पे उसको आखिरी बार शावर एरिया के पास
देखा गया उसके सेल में सिर्फ शावर एरिया
ही था जो कैमरा की आंख से छुपा हुआ था
करीब आधे घंटे के बाद जब वो कैमरा प नहीं
देखा गया तो सेल का मुआयना करने के लिए
लॉकअप खोला गया जब तक गार्ड्स अंदर गए तब
तक एल चैपो जा चुका था उसने बड़ी चालाकी
से शावर एरिया के गटर को बड़ा करके एक टनल
खोदी जो नीचे एक बड़ी टनल के साथ कनेक्टेड
थी यह टनल 1 किलोमीटर दूर एक करीबी
कंस्ट्रक्शन साइट तक खुलती थी जमीन से 33
फुट नीचे और 5 फुट 7 इंच चौड़ी यह टनल
इतनी बड़ी थी कि इसमें से आसान आनी से
इंसान गुजर सकता था लेकिन इस बार उसकी
आजादी ज्यादा लंबी नहीं थी 8थ जनवरी 2016
को लॉस मोचस में मेक्सिकन मरींस ने उसके
सेफ हाउस पर फिर से हमला किया और शदीद
मुजहम के बाद वह एक बार फिर से पकड़ा गया
इस बार अमेरिकन सरकार ज्यादा रिस्क नहीं
लेना चाहती थी इसीलिए 2017 में एल चैपो को
मेक्सिकन सरकार ने यूएसए के हवाले कर दिया
जहां वह सुपर मैक्स प्रिजन कोलोराडो में
अपनी उम्र कैद की सजा काट रहा है लेकिन
हकीकत यह है कि जितनी भी सिक्योरिटी हो
अमेरिकन सरकार को यह डर ही रहता है कि
कहीं एल चैपो दोबारा से ना भाग जाए उम्मीद
है जेम टीवी की यह वीडियो भी आप लोग भरपूर
लाइक और शेयर करेंगे आप लोगों के प्यार
भरे कमेंट्स का बेहद शुक्रिया मिलते हैं
अगली शानदार वीडियो में