[संगीत]
सुंदरबन जंगल में बहुत सारे पशु पक्षी
मिल-जुल कर रहा करते थे उसे जंगल में लाडो
नाम की चिड़िया अपने दो बच्चों के साथ
रहती थी लाडो बहुत मेहनती और दयालु
चिड़िया थी
दिन होते ही अनाज की खोज में जाना और शाम
होते ही वापस आकर अपने भूखे बच्चों को
खिलाना यही लाडो का कम था
उसके पड़ोस में ही बुलबुल चिड़िया रहती थी
उसके भी दो बच्चे थे उसका घर मिट्टी का था
उसे वजह से उसे गर्मी के मौसम से बड़े
राहत मिलती थी चलो बच्चों अब नहाने का समय
हो चुका है चलो चलो नहाने नहीं मम्मी हमें
नहीं नहाना हम घर से बाहर कहानी भी नहीं
जाते फिर भी आप हमें रोज-रोज नहीं लाती हो
अरे बच्चों तुम दिन भर खेलने रहते हो इस
वजह से तुम गंदे हो जाते हो अगर रोज नहीं
ना आओगे तो तुम्हारे पंखों से बदबू आने
लगेगी
बुलबुल के बच्चों को नहाना पसंद नहीं था
फिर भी बुलबुल उनको जबरदस्ती से नहीं लाती
थी बुलबुल ने अपने बच्चों को नहीं लाया और
उनको घर के ऊपर सपना के लिए बाहर खड़ा कर
दिया चलो अब मेरे कम का समय शुरू हो जाएगा
जंगल के पंछी एक-एक करके मेरे स्विमिंग
ताल में नहाने आएंगे
बुलबुल बहन
यह लो दो बेरिया
रानू भी अपने बच्चों को नहलाने लगी एक-एक
करके जंगल के सारे पंछियों ने अपने-अपने
बच्चों को नहलाया लाडो भी अपने बच्चों को
नहीं लाना चाहती थी वह बुलबुल के पास चली
आई है
बोलो लाडो क्या कम है
बुलबुल बहन मुझे भी मेरे बच्चों को नहीं
लाना है
अभी तो मेरे पास बिरयानी
लेकर आऊंगी और तुम्हें दे दूंगी
नहीं नहीं ऐसा नहीं चलेगा बिरयानी
[संगीत]
[संगीत]
मां हमें भी बुलबुल आंटी की स्विमिंग ताल
में नहाना है लाडो ने बच्चों को समझते हुए
कहा नहीं बच्चों हम नहाने के लिए नदी में
जाएंगे वहां का पानी साफ सुथरा है लाडो
अपने बच्चों को स्विमिंग ताल में नहलाना
चाहती थी बेचारी लाडो कर भी का शक्ति थी
बेरियों का पेड़ ऊंचे पहाड़ी पर था और
लाडू अपने बच्चों को अकेला घर पर छोड़कर
उतनी दूर नहीं जाना चाहती थी
वह अपने बच्चों को लेकर नदी पर ए जाति है
और एक-एक करके उनको नदी के पानी में नहाती
है
[संगीत]
अरे लाडो ऐसे उदास क्यों बैठी हो क्या कुछ
परेशानी है
ऐसी कोई बात नहीं है सोनू मा को बुलबुल
चिड़िया के स्विमिंग ताल में नहाने की
बहुत इच्छा है लेकिन वो रहने के बदले
बेरियों की मांग कर रही है और अभी तो मेरे
पास बिरयानी
के लिए मुझे ऊंचे पहाड़ी पर जाना होगा पर
मैं मेरे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर
उतनी दूर नहीं जा शक्ति बस इतनी सी बात
मैं हूं ना मैं पहाड़ी इलाकों में जाकर
मेरी ए ले आऊंगा
[संगीत]
[प्रशंसा]
बिना इसलिए मैंने ऐसा कहा तुम भी ना गोरी
बहुत दोनों से जग्गू से मांग रहा है क्या
आपने लाकर दिया कोई जरूर नहीं है किसी की
मदद करने की अब सीधा मेरे साथ घर चलो कालू
कौवा वहां से चला जाता है
नहाना है अरे जग्गू तुझे नहाने की कोई
जरूर नहीं है तू तो वैसे भी साफ-सुथरा है
तुम परेशान क्यों होती हो मैंने अभी अभी
सब सुन लिया है तुम्हें कम क्यों नहीं
करती मैं तुम्हारी बच्चों की देखभाल करता
हूं तुम पहाड़ी इलाकों में जाकर बिरयानी
लेकर आओ लाडो को बुरी पर बिल्कुल भी भरोसा
नहीं था लेकिन उसे बच्चों को
स्विमिंग ताल में नहलाना भी था फिर भी
लाडो ने बुरे से पूछा लेकिन तुम मेरी मदद
क्यों कर रहे हो
तुम आते समय मेरे लिए भी मेरे लेकर आना
लाडू बेरिया लाने के लिए पहाड़ी इलाकों की
और चल पड़ती है
अरे वह यह तो बहुत अच्छा हुआ मुझे पता चला
है पहाड़ी इलाकों से हमारी जंगल की और तेज
तूफान ए रहा है मुझे नहीं लगता की लाडो
उसे तेज तूफान में बैक पाएगी फिर मैं इन
दो बच्चों को घर से बाहर फेक दूंगा लाडो
के जाते ही बड़ा बच्चों को घोसला से बाहर
निकाल देता है और घोसला का दरवाजा लगा लेट
है बच्चे अपनी मां की याद में रन लगता हैं
इधर लाडो जैसे तैसे करके आगे बढ़नी रही
वैसे ही तेज हवा भी बढ़ाने लगी लगता है इस
तेज तूफान में मैं उड़ नहीं पाऊंगी लाडो
चिड़िया हर माने वालों में से नहीं थी
बड़ी कठिनाइयां का सामना करते हुए वह आगे
बढ़नी रही तभी उसके सामने से मीनू मौसी
उड़ते हुए ए जाति है
[संगीत]
चलो वापस
बारिश के साथ साथ बहुत बड़ा तूफान भी आने
वाला है
अच्छा अच्छा ठीक है मौसी
[संगीत]
वो दोनों वापस जंगल में ए जाति है
लाडो बहुत तेज बारिश शुरू हो गई है
तुम्हें कम करो बारिश रुकने तक मेरे घर
में रुक जो बारिश थमते ही चली जाना
दोनों मीनू मौसी के घोसला के अंदर चली
जाति है बारिश अपने होरो पर थी मेरे बच्चे
ठीक तो होंगे ना इधर बेचारे बच्चे तेज
बारिश में भीगी रहे थे वह दोनों एक पेड़
की डाली पर बैठ जाते हैं जहां पर कम बारिश
का पानी ए रहा था तभी उनको उसे पेड़ के
तने से आवाज आई है
बच्चों इधर आओ बच्चे अंदर चले जाते हैं
इधर पूरा कौवा मजे में घोड़े बेचकर सो रहा
था
तभी एक तेज हवा का जोका ए जाता है और पूरे
कौवे का घोंसला पानी में गिर जाता है
बड़ा घर का दरवाजा खोल नहीं पता और वह डब
जाता है थोड़ी डर बाद बारिश कम हो जाति है
और देखते है तो क्या उसका गुस्सा तो वहां
पर नहीं था वह सब तरफ खोज करने लगती है
तभी उसे बुलबुल चिड़िया मिट्टी में डाबी
हुई दिखाई देती है लाडो लाडो मुझे बचाओ
मेरा मिट्टी का घर बारिश में गाल गया और
मैं मिट्टी में दास गई
परवाना करते हुए लाडो बुलबुल चिड़िया को
गली मिट्टी से बाहर निकलते है
लाडो मुझे माफ कर दो मैंने तुम्हारे साथ
बहुत बड़ा बर्ट किया
लाडो बुलबुल को कुछ ना बोलते हुए अपने
बच्चों को खोजना लगी तभी पेड़ के तने से
बच्चे बाहर ए गए और अपनी मां को पुकारने
लगे
बहुत खुश हो गई
मां जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर आप
मेरे बच्चों को आसराना देती तो मेरे बच्चे
इस तेज बारिश को सा नहीं पाते कुछ दिन
गुर्जर जाते हैं फिर एक दिन सारे पंछी
मिलकर जंगल के बिशन बीच खुला मैदान में
पुल बना देते हैं जिसमें वो रोज नहाने
लगता हैं दोस्तों आपको स्विमिंग ताल में
नहाना अच्छा लगता है या नदी में हमें
कमेंट्स में जरूर बताना और स्टोरी अच्छी
लगे तो लाइक शेर और सब्सक्राइब जरूर करना
[संगीत]