0:00 आज जो मैं आपको बताने वाला हूं मार्क माय
0:02 वर्ड्स यह चीज आपकी पूरी जिंदगी का नक्शा
0:05 बदल सकती है एग्जैक्ट वही चीज जो खुद
0:07 क्रिकेटर विराट कोहली ने फॉलो करके खुद को
0:10 पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर दिया यही चीज
0:12 क्रिस्टियानो रोनाल्डो और शाहरुख खान भी
0:14 फॉलो करते हैं अगर आप इस वीडियो को बाकी
0:16 नॉर्मल वीडियोस की तरह ले रहे हो और बीच
0:18 में छोड़ के जाने वाले हो तो बेशक आप जा
0:20 सकते हैं कोई दिक्कत नहीं है इंटरनेट पे
0:22 और बहुत सारी वीडियोस पड़ी है बहुत सारा
0:24 कंटेंट पढ़ा है जाके देख सकते हो बाकी
0:26 सीरियस लोग आ जाओ शुरू करते हैं आपका एक
0:30 रेगुलर दिन कैसा जाता है लेट मी गेस आप
0:32 सुबह सोकर उठते हैं अपना फोन उठाते हैं
0:37 whatsapp2 जाते हैं नहाते हैं कपड़े पहनकर
0:40 तैयार होते हैं और नाश्ता करके घर से निकल
0:42 जाते हैं आप उसी सेम रास्ते पर चलते हैं
0:44 उसी सेम जगह जाकर वही सेम काम करते हैं
0:47 उन्हीं सेम लोगों से मिलते हैं जो आपको
0:48 वही सेम फील करवाते हैं कुछ लोगों से बचते
0:51 हैं कुछ के पास बैठते हैं अपना कुछ काम
0:53 होता है तो वो फिनिश करके आप उसी सेम
0:55 रास्ते से वापस घर जाते हैं रील्स या
0:57 शॉर्ट स्क्रॉल करते हैं या कोई मूवी देखते
0:59 हैं और हो जाते हैं यही रूटीन आप पता नहीं
1:01 कितने दिनों से फॉलो करते आ रहे हो और पता
1:03 नहीं आगे कितने दिनों तक फॉलो करते रहेंगे
1:05 इसमें कॉमन क्या है लोग आपके विचार लोगों
1:08 के विचार आपके डेली के काम आने जाने का
1:11 रास्ता आपकी हैबिट्स लोगों की हैबिट्स
1:13 कंटेंट जो आप देखते हो और भी बहुत कुछ
1:16 आपका यह रूटीन एक कंप्यूटर प्रोग्राम की
1:17 तरह काम करता है जहां आप अपनी मर्जी से
1:20 कुछ भी नहीं कर रहे होते हो सब कुछ अपने
1:21 आप ही हो रहा होता है विराट कोहली के साथ
1:23 भी यही हो रहा था वो कहते हैं कि मुझे याद
1:25 है मैं ईटिंग और फिटनेस को लेकर बिल्कुल
1:27 भी डिसिप्लिन नहीं था मुझे आज भी विश्वास
1:30 नहीं होता कि व मैं था i 2012 की बात है
1:33 हर बार की तरह वो सीजन भी मेरा खराब गया
1:35 मेरी ईटिंग हैबिट्स बहुत ज्यादा खराब थी
1:37 मैं उस वक्त नेशनल टीम में भी खेल रहा था
1:39 लेकिन मुझे कोई बड़ी सक्सेस नहीं मिली थी
1:41 न्यूरोसाइंटिस्ट डॉक्टर जोई डिस्पेंजा के
1:43 अनुसार 35 की उम्र तक आते-आते हम जो कुछ
1:46 भी होते हैं उसका 95 पर हमारा सबकॉन्शियस
1:49 माइंड होता है ये सबकॉन्शियस प्रोग्राम
1:51 हमारे बिलीव्स बिहेवियर एटीट्यूड इमोशनल
1:53 रिएक्शंस और अनकॉन्शियस हैबिट्स का एक
1:55 मिक्सचर होता है जो हमें एक सर्टेन एक्शन
1:57 लेने को मजबूर करता है बाकी का ब हुआ 5 पर
2:00 हमारा कॉन्शियस माइंड होता है जो कहता है
2:02 मैं खुद को बदलना चाहता हूं मैं हेल्दी
2:04 होना चाहता हूं फिट होना चाहता हूं मैं इस
2:06 नई स्किल को सीखना चाहता हूं मैं रोज
2:08 मेहनत करना चाहता हूं मैं खुश होना चाहता
2:10 हूं मैं फ्री होना चाहता हूं और हम हम हर
2:12 दिन अपने इस 5 पर कॉन्शियस माइंड के साथ
2:14 95 पर सबकॉन्शियस प्रोग्राम से लड़ने की
2:17 कोशिश करते रहते हैं और रोज बुरी तरह हार
2:20 जाते हैं यही रीजन है कि आप रोज बोलते हो
2:22 अपने आप से कि कल से मंडे से या एक तारीख
2:25 से मैं सब कुछ बदल दूंगा लेकिन कुछ भी
2:27 नहीं बदलता
2:32 सो सबसे पहले इस बात को एक्सेप्ट कर लो कि
2:34 जो लड़ाई आप लड़ रहे हो उसमें आपका हारना
2:36 तय है आप अपने सबकॉन्शियस माइंड से नहीं
2:39 जीत सकते आपकी लाइफ आपके कंट्रोल में नहीं
2:41 है आप बस एक पैसेंजर हो और यह सबकॉन्शियस
2:44 प्रोग्राम ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ है
2:45 जो आपको वहीं ले जाएगा जहां यह ले जाना
2:48 चाहता है ना कि जहां आप जाना चाहते हो तो
2:50 क्या हार मान ले और यही मीडियो करर लाइफ
2:52 जीते रहे नहीं तो उसका सलूशन क्या है एक
2:55 ही सलूशन है जब दुश्मन आपसे ज्यादा ताकतवर
2:58 हो जिससे हारना तय हो उससे लड़ना ही नहीं
3:01 चाहिए जब आप लड़ना बंद कर देते हो तो ना
3:03 कोई हारता है और ना कोई जीतता है आप सोच
3:06 रहे होंगे लड़ना बंद कर दिया तो जीत कैसे
3:08 जीत सकते हो दोस्ती करके यानी इससे लड़ना
3:11 बंद करके इसकी प्रोग्रामिंग को चेंज करना
3:13 होगा ताकि यह माइंड जो अभी आपके खिलाफ है
3:16 जो आपको और अंधेरे में धकेल रहा है आपको
3:18 एक फेलियर बना रहा है आप उसी का यूज करके
3:20 अपने आप को सक्सेसफुल बना पाओ किसी भी
3:23 प्रोग्राम को चेंज करने के लिए आपको उसके
3:25 सोर्स कोड को बदलना पड़ता है और हमारे
3:27 माइंड का सोर्स कोड टोटल छह स्टेप से बनता
3:29 है पहले तीन स्टेप्स एक सॉलिड फाउंडेशन
3:31 सेट करेंगे और लास्ट के तीन स्टेप्स आपके
3:33 ब्रेन को हार्ड रिसेट करके कंप्लीट
3:36 रिप्रोग्राम कर
3:38 देंगे विराट कोहली आगे कहते हैं कि मुझे
3:41 याद है जब उस सीजन के बाद मैं घर आया और
3:43 एक सुबह 100 ओवर लेने के बाद जब मिरर के
3:45 सामने आया तो मुझे खुद को देख के घिन आई
3:48 खुद से नफरत हुई मैंने खुद से कहा कि तू
3:50 इंडियन इंटरनेशनल क्रिकेट टीम का हिस्सा
3:52 है यह सब नहीं चल सकता और उसके बाद आपको
3:54 पता है कि सब कुछ बदल गया विराट कोहली से
3:57 पहले किसी भी इंडियन क्रिकेटर ने इस लेवल
3:59 की नेस को नहीं छुआ था यह चीज इंडियन टीम
4:02 में विराट ही आ इंसान को जानवरों के बीच
4:04 छोड़ दो तो वह भी जानवर बन जाता है और
4:06 जानवरों को इंसानों के बीच छोड़ दो तो
4:08 उसमें भी इंसानियत आ ही जाएगी आपने कभी
4:11 अपनी नेटिव लैंग्वेज बोलना नहीं सीखी आपने
4:13 बस अपने आसपास के लोगों को बात करते हुए
4:15 सुना और आप भी उनकी तरह बोलने लग गए आप
4:18 लाइफ में कभी कुछ बड़ा नहीं कर सकते आप
4:20 में थोड़ी अकल कम है आप पढ़ाई में कमजोर
4:22 हो आप बस इतना ही कमाने के लायक हो पैसा
4:25 कमाना बहुत मुश्किल है ये बातें इसी तरह
4:28 की बातें अगर किसी इंसान के लिए नॉर्मल है
4:30 तो समझ लो उसकी कंडीशनिंग हो चुकी है उसको
4:32 प्रोग्राम करके उसका पूरा एक सॉफ्टवेयर
4:35 बना दिया गया है एक ही चीज बार-बार बोलती
4:37 है सुनते रहने से आपका ब्रेन उस चीज के
4:39 लिए कंडीशन हो जाता है वो कहते हैं ना कि
4:41 एक झूठ को इतनी बार बोलो कि व सच लगने लगे
4:44 आपका ब्रेन ऐसे हजारों झूठ को सच मानता है
4:47 और उसी के अकॉर्डिंग आपसे एक्ट करवाता है
4:49 जिसका परिणाम यह होता है कि हमारी लाइफ ही
4:52 वैसी बन जाती है तो सबसे पहले आपको अपनी
4:54 इस कंडीशनिंग को चेंज करना होगा आपको अपने
4:57 आप को बार-बार ऐसी चीजें बोलनी होगी सुना
4:59 नहीं होगी जो आपके लिए फायदेमंद हो और जिन
5:02 पर आप बिलीव करने लगे लेकिन अब आपका दिमाग
5:04 कोई छोटा बच्चा नहीं रहा यह उन बातों को
5:06 मान मान के बड़ा हो चुका है अब इसे कुछ और
5:09 बोल दिया जाए चाहे वह उसके लिए पॉजिटिव हो
5:11 या फायदेमंद ही क्यों ना हो ये उस परे
5:13 आसानी से बिलीव करने वाला नहीं है इसलिए
5:15 आप अपनी कंडीशनिंग करके खुद के अंदर क्या
5:17 बिलीफ पैदा कर रहे हो यह आपको बहुत सोच
5:20 समझकर डिसाइड करना होगा कोई हैबिट चेंज
5:22 करना चाहते हो कोई लॉन्ग टर्म गोल अचीव
5:24 करना चाहते हो हर एक चीज आप चेंज कर सकते
5:26 हो इस मेथड का यूज करके बस पहला स्टेप है
5:30 कि आपको अपनी कंडीशनिंग पर विश्वास होना
5:32 चाहिए कि जो भी आप सोच रहे हो जो भी आप
5:33 खुद से बोल रहे हो वो 100% पॉसिबल
5:39 है अभी तक आपने जो किया था वो था अपने
5:41 माइंड को कन्वींस करना ना कि खुद को बहुत
5:44 से लोग अपने मन को तो कविंस कर लेते हैं
5:46 लेकिन फिर भी कोई चेंज नहीं आता उनकी लाइफ
5:48 में फॉर एग्जांपल ना जाने ऐसे कितने लोग
5:50 थे जो अपना बिजनेस स्टार्ट करना चाहते थे
5:52 अपना
5:59 या उनको अपने आईडिया पर पूरा कॉन्फिडेंस
6:01 होता है पूरा विश्वास भी होता है कि वह
6:03 बहुत ही सक्सेसफुल हो जाएंगे लेकिन इन
6:06 सबके बाद भी वह नहीं कर पाते क्योंकि उनका
6:08 माइंड तो रेडी था लेकिन बॉडी ने अलाव नहीं
6:10 किया सबसे मुश्किल है अपनी बॉडी को ये फील
6:12 करवाना कि आप जो सोच रहे हो वो एक्चुअल
6:15 में पॉसिबल है क्योंकि आखिरकार सारा काम
6:17 तो आपकी बॉडी को ही करना है ना सिर्फ
6:19 इमेजिन करने से कुछ नहीं होने वाला आपको
6:21 इमोशनली अपनी बॉडी के अंदर यह फील करवाना
6:23 होगा हमारे ब्रेन की लैंग्वेज है थॉट्स और
6:26 हमारी बॉडी की लैंग्वेज है फीलिंग्लेस
6:29 में फील नहीं कर सकती तो आप उस पर एक्ट भी
6:32 नहीं कर सकते ऐसा कितनी बार हुआ है कि कोई
6:34 चीज इतनी ज्यादा टेस्टी लग रही होती है
6:36 आपका बहुत मन कर रहा होता है उसे खाने का
6:38 लेकिन आपका पेट फुल होता है आपको भूख नहीं
6:40 होती है फिर आप उसे हाथ तक नहीं लगाते इसी
6:43 तरह जो चीज आप पाना चाहते हो आपको उससे
6:45 पाने की भूख होनी चाहिए आपके अंदर
6:47 स्ट्रांग
6:49 फीलिंग्लेस उन्होंने खुद को देख के पूरी
6:52 तरह से फील करते हुए कहा था कि अब ये नहीं
6:54 चल सकता मुझे सब कुछ बदलना ही पड़ेगा
6:58 फीलिंग्लेस दी हुई सिग्नल्स को समझ पाती
7:00 हैं और एक्शंस लेना बहुत-बहुत इजी हो जाता
7:03 है आपके लिए अगर आप अपने विजन के बारे में
7:05 कुछ फील नहीं कर रहे हो इसका मतलब है कि
7:07 आपकी बॉडी आपके माइंड के सिग्नल्स को
7:09 रिसीव नहीं कर पा रही है जिस वजह से आप
7:11 एक्शंस ही नहीं
7:13 लोगे अभी तक आप जो कुछ भी कर रहे थे अपनी
7:16 हैबिट्स की वजह से कर रहे थे आगे भी जो
7:18 कुछ भी करोगे वो भी अपनी हैबिट्स की वजह
7:20 से ही करोगे जब आप अपने माइंड से बिलीव
7:23 करने लगते हो और अपनी बॉडी में यह फील
7:25 करने लगते हो तब जाकर आप अपने बिहेवियर्स
7:27 में चेंजेज ला पाते हो यानी बिहेवियर आपकी
7:30 हैबिट बनेगा और आपकी सारी हैबिट्स मिलके
7:32 आपके सबकॉन्शियस को रिप्रोग्राम करेंगी
7:34 जहां आपके 95 पर एक्शंस बदल जाएंगे आप हर
7:37 दिन बिना सोचे समझे जो भी एक्शंस लोगे वो
7:40 आपको सक्सेस के और करीब लेकर जाएंगे विराट
7:42 कोहली आगे कहते हैं कि उसके अगले दिन से
7:44 सब बदल गया मैं डाइट और फिटनेस को लेकर
7:46 पूरी तरह से डिसिप्लिन हो गया कोई जंक फूड
7:48 नहीं कोई चीट डे नहीं प्रॉपर डाइट और दिन
7:51 में दो घंटे जिम ये सब कैसे हुआ अब वो
7:54 जानते हैं तो पहले तीन स्टेप्स लेकर आपने
7:56 एक सॉलिड फाउंडेशन बिल्ड कर ली हैं अब
7:58 बारी है अपने माइंड को हार्ड रिसेट करके
8:00 प्रोग्राम करने
8:03 की हमारे साथ लाइफ में जो कुछ भी होता है
8:06 उसका रिएक्शन हमारे सेल्फ टॉक से ही आता
8:08 है अब आप इन्हें नेगेटिव सेल्फ टॉक कह लो
8:10 या पॉजिटिव हमारे माइंड के लिए कुछ भी
8:12 पॉजिटिव या नेगेटिव नहीं होता ये बस कुछ
8:14 ऐसी बातें होती है जिन्हें आपका माइंड सच
8:16 मानकर बैठ गया है इससे आपका क्या फायदा
8:19 होगा क्या नुकसान होगा इससे इससे कोई फर्क
8:21 नहीं पड़ता अगर आप बोलते हो आई कांट
8:23 एक्सरसाइज आई एम वीक इन स्टडीज मुझसे सुबह
8:25 जल्दी उठा नहीं जाता मेरी सिटिंग कैपेसिटी
8:27 कम है इस तरह की बातें बोलने से आपका
8:29 माइंड आपको ऐसी चीजें करवाएगा जो इन्हीं
8:32 बातों को और ज्यादा पक्का करते जाएंगी कुछ
8:34 दिन पहले तक मैं भी सोचता था कि मुझसे
8:36 सुबह जल्दी उठा नहीं जाएगा मैं नेचुरली
8:38 नाइट आवल हूं देर रात तक काम करना सुबह
8:40 लेट उठना और तब तक मैं सुबह 8 बजे तक उठ
8:43 रहा था और अभी मैं उठ रहा हूं सुबह 5:30
8:45 बजे और वो भी बड़ी आसानी से कैसे इसकी बात
8:48 हम आगे करते हैं ब्रुसली कहते हैं कि अपने
8:50 बारे में मजाक में भी नेगेटिव ना बोले
8:52 आपकी बॉडी को डिफरेंस नहीं पता आपके शब्द
8:55 एनर्जी हैं और जादू करते हैं इसलिए इन्हें
8:57 स्पेलिंग कहा जाता है अपने शब्दों को चेंज
9:00 करो और आपकी लाइफ बदल जाएगी तो आपको अपने
9:02 माइंड में चल रही हर बात पर ध्यान देना है
9:04 कि आप खुद से क्या बोलते रहते हो खासकर
9:06 ऐसे घटिया शब्दों पर जो आपकी लाइफ को हेल
9:09 बना रहे हैं ये वर्ड्स कुछ भी हो सकते हैं
9:11 जैसे मैं बहुत लो फील कर रहा हूं मैं
9:13 टैलेंटेड नहीं हूं मुझसे सुबह जल्दी उठा
9:15 ही नहीं जाता मैं एक्सरसाइज नहीं कर सकता
9:17 मैं मेडिटेशन नहीं कर सकता मैं खुद को
9:19 कंट्रोल नहीं कर पाता मैं दिखने में अच्छा
9:21 नहीं हूं मुझे बहुत गुस्सा आता है ये सारी
9:23 चीजें आपको लिमिट कर देती हैं फिर आप इससे
9:26 आगे सोच ही नहीं पाते लेकिन अगर आप यह
9:28 करते हो तो आप आपकी पूरी दुनिया ही बदल
9:32 जाएगी साल 2014 में जब इंडियन टीम
9:35 ऑस्ट्रेलिया जाती है तब की बात है विराट
9:37 कोहली आगे कहते हैं कि मैं विजुलाइज करते
9:39 हुए देख पा रहा था कि मैं बॉलर्स की पिटाई
9:41 कर रहा हूं मैं एक्चुअल में इस इमोशन को
9:43 फील कर पा रहा था कि यह होने वाला है और
9:45 फिर जब मैच शुरू हुआ तो एगजैक्टली यही चीज
9:48 हुई बिकॉज माइंड ने पहले से ही चीजें
9:50 रजिस्टर कर दी थी और फिर बॉडी ने उसी के
9:52 अकॉर्डिंग रेस्पों किया एंड य यू ट्यून
9:54 योर हेड और यू ट्यून योर माइंड इन अ वे
9:56 दैट इट्स सो कन्विंसिंग इन योर माइंड दैट
9:59 व्हेन यू आर इन दैट सिचुएशन योर बॉडी जस्ट
10:01 टेक्स ओवर बिकॉज इट्स ऑलरेडी ऑलरेडी
10:03 रजिस्टर्ड इन योर माइंड एंड व्हेन दैट
10:05 हैपेंस यू फील लाइक पाव मैन दिस इज सो
10:07 पावरफुल तो अब आपको अवेयर हो जाना है अपनी
10:10 सेल्फ टॉक को लेकर बेहोशी से होश में जीना
10:12 शुरू करना है इसी समय फैसला कर लें कि आज
10:14 के बाद आपके विचार आपको नहीं चलाएंगे आप
10:17 अपने विचारों को जलाएंगे आपकी सेल्फ टॉक
10:19 जो नेगेटिव है अब आपको उन्हें रिप्लेस
10:21 करना है पॉजिटिव से अब आपका माइंड कह रहा
10:24 होगा कि यार ये चीज तो मुझे पहले से पता
10:26 है लेकिन जरा ध्यान तो दो ये चीज आपसे बोल
10:28 कौन रहा है आपकी प्रोग्रामिंग दोस्त जैसा
10:31 मैं हमेशा कहता हूं कि सिर्फ पता होने से
10:33 कुछ भी नहीं होना बात तो तब है जब आप यह
10:36 चीज लाइफ में अप्लाई करके फर्क लाओ आगे
10:38 मैं जो आपको प्रूफ दूंगा आपको पता चलेगा
10:40 कि यह कितनी पावरफुल चीज है तो आपको मैं
10:42 आलसी हूं इसको रिप्लेस करना है आई एम
10:44 हार्ड वर्किंग आई एम डिसिप्लिन मेरा दिमाग
10:46 कमजोर है इसको रिप्लेस करना है आई एम
10:48 टैलेंटेड आई एम जीनियस मैं दिखने में
10:50 अच्छा नहीं हूं बन जाएगा आई एम गुड लुकिंग
10:52 आई एम डिप्रेस्ड बन जाएगा आई एम हैप्पी आई
10:55 एम कॉन्फिडेंट बट आपको मेक श्योर करना है
10:57 कि आप अपने लिए जो भी सेल्फ टॉक अ फर्मे
10:59 सस पिक कर रहे हो वो इतने ज्यादा बेसिक भी
11:01 ना हो कि आप उन्हें बिल्कुल सीरियसली ही
11:03 ना लो और इतने ज्यादा ओवर भी ना हो कि आप
11:05 उन पर यकीन ही ना कर पाओ और इन्हें बोलते
11:08 हुए या लिखते हुए आपके अंदर एक स्ट्रांग
11:10 फीलिंग डेवलप होनी चाहिए जो आप बोल रहे हो
11:12 उस परे पूरी फीलिंग के साथ बिलीव करना है
11:14 टाइम फिक्स करके जैसे सुबह काम शुरू करने
11:17 से पहले और रात को सोते टाइम रोज 10-15
11:19 मिनट आपको लिखना है बोलना है और विजुलाइज
11:22 भी करना है आपके दिमाग में ये चीजें चलती
11:24 रहनी चाहिए जैसे आपने देखा होगा कि कोई
11:26 म्यूजिक आप सुनते हो बार-बार तो वो आपके
11:28 दिमाग में अटक जाता है आपके ना चाहते हुए
11:31 भी चलता रहता है है ना इसी तरह से कुछ
11:33 एफर्मेशंस जो आप अपने लिए तैयार करोगे वह
11:36 आपको इतना फील करते हुए लिखनी है बोलनी है
11:38 कि वो आपकी बॉडी आपके ब्रेन के एक-एक सेल
11:41 में बैठ जानी चाहिए अब देखो यह काम कैसे
11:43 करता है जैसे ही आप बोलने लगते हो फील
11:46 करते हुए कि आई एम सुपर कॉन्फिडेंट तो
11:48 देखना आप एक अलग ही तरह से चलने लग जाओगे
11:50 बॉडी उसी के अकॉर्डिंग रेस्पों करने लग
11:52 जाएगी जब आप बोलते हो आई एम टैलेंटेड आई
11:54 एम जीनियस अब आपका ध्यान बुक्स या
11:56 पॉडकास्ट या ऐसी वीडियोस की तरफ जाने
11:58 लगेगा जो आप आपको और ज्यादा इंटेलिजेंट
12:00 बनाई आप ज्यादा अच्छे से पढ़ोगे जब आप
12:02 बोलते हो कि आई एम गुड लुकिंग तो आप सर्च
12:04 करते हो कि लुक्स को और ज्यादा अच्छा कैसे
12:06 करा जा सकता है वहां से आपको कुछ चीजें
12:08 मिलती हैं वह आप फॉलो करने लग जाओगे आपको
12:11 ऐसी वीडियोस ऐसी बुक्स या ऐसे लोग मिलने
12:13 लगेंगे जो आपको सही दिशा में बढ़ने में
12:15 हेल्प करेंगे बिकॉज अब आपका फोकस प्रॉब्लम
12:18 या कंप्लेन करने पर नहीं है आपका ध्यान
12:20 कंपलीटली आ चुका है सोलूशंस पर अपने आपको
12:22 को और बेटर बनाने
12:26 पर विराट कोहली कहते हैं कि जब मेरी आठ
12:28 सेंचुरी थी तो मैंने खुद से कहा कि अगर
12:30 मैं आठ सेंचुरी मार सकता हूं तो आगे भी
12:33 अच्छा खेल सकता हूं तो मैंने अपने आप को
12:35 पूरे बिलीव के साथ पूरे कॉन्फिडेंस से
12:36 बोलना शुरू किया कि मैं अच्छा हूं मैं
12:39 बहुत ज्यादा अच्छा हूं खेलने में अगले ही
12:41 मैच में मैंने 48 और 75 रन बनाए और आज की
12:44 डेट तक विराट कोहली के नाम टोटल 81
12:46 सेंचुरी है अपने माइंड और बॉडी में सेल्फ
12:48 टॉक की पावर को फील करने के लिए आपको खुद
12:51 को ये प्रूफ करके दिखाना होगा कि आप जो
12:52 बोल रहे हो वो सच है यानी कि आपने जिंदगी
12:55 में कोई भी छोटी मटी सक्सेस पाई है आप उसे
12:57 याद करो आपने कभी तो एक्सरसाइज की होगी
12:59 कभी तो आप सुबह जल्दी उठे होंगे कभी आपने
13:02 अच्छा स्कोर किया होगा आप खुद को यकीन
13:04 दिलाओ कि मैं अगर पास्ट में भी कामयाब हुआ
13:06 हूं तो मैं यह काम भी कर सकता हूं अगर आप
13:08 खुद को बोल रहे हो कि आई एम डिसिप्लिन फिर
13:10 अपने आप को यकीन दिलाने के लिए आपको ऐसे
13:12 एक्शंस लेने होंगे जिससे यह साबित हो सके
13:14 कि हां आप डिसिप्लिन हो छोटे-छोटे एक्शंस
13:16 लो लेकिन लेना शुरू करो छोटे-छोटे एक्शंस
13:19 के थ्रू वो काम करना शुरू करो जो आप अब तक
13:21 टालते आ रहे हो अपने बड़े गोल को
13:23 छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लो और वो
13:25 छोटे-छोटे गोल्स पूरे करो लाइक अगर आप
13:28 ज्यादा देर तक पढ़ा पढ़ा नहीं कर पाते हो
13:30 तो 25-25 मिनट के स्टडी सेशंस लेना शुरू
13:32 करो जो भी आपको सक्सेस वाली फील देता है
13:34 ऐसे काम करना शुरू करो यह चीज आपके नए
13:37 सेल्फ टॉक को फ्यूल करने का काम करेगी और
13:39 आप अपने आप ही ज्यादा एक्शंस लेना शुरू कर
13:41 दोगे विराट कोहली कहते हैं कि जब मैं कुछ
13:43 महीनों तक डिसिप्लिन रहा तो मुझे रिजल्ट
13:46 दिखने लगे मैं फील्ड में ज्यादा फुर्तीला
13:48 हो गया ज्यादा फोकस्ड हो गया और फिर यह
13:50 चीज मेरी एडिक्शन बन गई अपने आप को और
13:52 ज्यादा इंप्रूव करते जाना अब देता हूं मैं
13:54 अपना खुद का एग्जांपल मैंने खुद को बोलना
13:56 शुरू किया कि मंडे से सुबह 5:30 बजे उठ के
13:59 मेरे को रनिंग करने जाना है मतलब जाना है
14:01 और तब तक मैं सुबह 7:00 से 8:00 बजे उठ
14:03 रहा था जब भी टाइम मिलता यह चीज मैं अपने
14:05 आप को बार-बार बोलता यह चीज मैंने पाछ दिन
14:08 तक फॉलो की और एग्जैक्ट उस रात को सोने से
14:10 पहले भी बोला कि कल वो दिन है सुबह उठना
14:12 ही है मैं लेट सोया उस रात कि सी वजह से
14:15 लेकिन सुबह 5:30 बजे जगा और चला गया दिस
14:18 इज द पावर ऑफ राइट सेल्फ टॉक इस तरह आप
14:21 कोई भी आदत छोड़ सकते हो अपने आप से मेहनत
14:23 और सही चीजें करवा सकते हो और लाइफ में
14:26 कोई भी गोल अचीव कर सकते हो देखो आपकी
14:28 लाइफ में कोई चेंज नहीं आएगा अगर आप ये
14:30 चीजें फॉलो नहीं करते हो तो और 90 पर लोग
14:33 नहीं करेंगे मुझे पता है वो नहीं लिखेंगे
14:35 अफर मेंे शंस नहीं करेंगे बिलीफ और
14:39 फीलिंग्लेस जिसने यह कर दिया उसकी लाइफ
14:42 में मैजिक होना शुरू होगा प्लीज आप इस
14:44 वीडियो की यह बातें और मेरे एफर्ट्स वेस्ट
14:46 मत जाने देना आप बस 7 दिन 10 दिन या 21
14:49 दिन ट्राई करके देखना इन स्टेप्स को जाओ
14:51 और डायरी बनाओ एक पर्सनल अगर आप ये करने
14:54 वाले हो तो कमेंट्स में कुछ ना कुछ लिख के
14:56 जाओ मुझे भी पता चले कि मेरे एफर्ट्स
14:57 वेस्ट नहीं जा रहे हैं और और हां एक बार
14:59 आपने अपने डेली रूटीन के पीछे की
15:01 साइकोलॉजी समझ ली तो आपकी लाइफ पहले से 10
15:03 गुना ज्यादा बेटर हो जाएगी फेमस
15:05 न्यूरोलॉजिस्ट एंड्रू रमन ने अपने लिए एक
15:07 ऐसा साइंटिफिक मॉर्निंग रूटीन क्रिएट किया
15:09 जिसे दुनिया भर में कई लोगों ने फॉलो करके
15:11 अपनी लाइफ चेंज की इस आठन मिनट की वीडियो
15:14 में मैंने इसे पूरा एक्सप्लेन करके रखा है
15:16 हिंदी में आप जाके अभी देख सकते हो या बाद
15:18 में देखने के लिए सेव कर सकते हो बिकॉज
15:20 आपके टाइम से आपकी एनर्जी से कीमती और कुछ
15:23 भी नहीं है विश यू ऑल द वेरी बेस्ट थैंक
15:25 यू सो मच फॉर वाचिंग दिस
15:27 वीडियो h