0:00 [संगीत]
0:13 सुंदरबन जंगल में बहुत सारे पशु पक्षी
0:16 मिल-जुल कर रहा करते थे उसे जंगल में लाडो
0:20 नाम की चिड़िया अपने दो बच्चों के साथ
0:22 रहती थी लाडो बहुत मेहनती और दयालु
0:26 चिड़िया थी
0:28 दिन होते ही अनाज की खोज में जाना और शाम
0:32 होते ही वापस आकर अपने भूखे बच्चों को
0:35 खिलाना यही लाडो का कम था
0:40 उसके पड़ोस में ही बुलबुल चिड़िया रहती थी
0:43 उसके भी दो बच्चे थे उसका घर मिट्टी का था
0:47 उसे वजह से उसे गर्मी के मौसम से बड़े
0:51 राहत मिलती थी चलो बच्चों अब नहाने का समय
0:55 हो चुका है चलो चलो नहाने नहीं मम्मी हमें
1:00 नहीं नहाना हम घर से बाहर कहानी भी नहीं
1:02 जाते फिर भी आप हमें रोज-रोज नहीं लाती हो
1:06 अरे बच्चों तुम दिन भर खेलने रहते हो इस
1:10 वजह से तुम गंदे हो जाते हो अगर रोज नहीं
1:14 ना आओगे तो तुम्हारे पंखों से बदबू आने
1:17 लगेगी
1:18 बुलबुल के बच्चों को नहाना पसंद नहीं था
1:21 फिर भी बुलबुल उनको जबरदस्ती से नहीं लाती
1:25 थी बुलबुल ने अपने बच्चों को नहीं लाया और
1:29 उनको घर के ऊपर सपना के लिए बाहर खड़ा कर
1:33 दिया चलो अब मेरे कम का समय शुरू हो जाएगा
1:36 जंगल के पंछी एक-एक करके मेरे स्विमिंग
1:40 ताल में नहाने आएंगे
1:45 बुलबुल बहन
1:58 यह लो दो बेरिया
2:01 रानू भी अपने बच्चों को नहलाने लगी एक-एक
2:04 करके जंगल के सारे पंछियों ने अपने-अपने
2:08 बच्चों को नहलाया लाडो भी अपने बच्चों को
2:11 नहीं लाना चाहती थी वह बुलबुल के पास चली
2:14 आई है
2:17 बोलो लाडो क्या कम है
2:20 बुलबुल बहन मुझे भी मेरे बच्चों को नहीं
2:24 लाना है
2:31 अभी तो मेरे पास बिरयानी
2:37 लेकर आऊंगी और तुम्हें दे दूंगी
2:42 नहीं नहीं ऐसा नहीं चलेगा बिरयानी
2:49 [संगीत]
2:57 [संगीत]
3:01 मां हमें भी बुलबुल आंटी की स्विमिंग ताल
3:05 में नहाना है लाडो ने बच्चों को समझते हुए
3:08 कहा नहीं बच्चों हम नहाने के लिए नदी में
3:12 जाएंगे वहां का पानी साफ सुथरा है लाडो
3:16 अपने बच्चों को स्विमिंग ताल में नहलाना
3:19 चाहती थी बेचारी लाडो कर भी का शक्ति थी
3:23 बेरियों का पेड़ ऊंचे पहाड़ी पर था और
3:27 लाडू अपने बच्चों को अकेला घर पर छोड़कर
3:30 उतनी दूर नहीं जाना चाहती थी
3:35 वह अपने बच्चों को लेकर नदी पर ए जाति है
3:38 और एक-एक करके उनको नदी के पानी में नहाती
3:42 है
3:43 [संगीत]
3:49 अरे लाडो ऐसे उदास क्यों बैठी हो क्या कुछ
3:53 परेशानी है
3:56 ऐसी कोई बात नहीं है सोनू मा को बुलबुल
4:01 चिड़िया के स्विमिंग ताल में नहाने की
4:03 बहुत इच्छा है लेकिन वो रहने के बदले
4:06 बेरियों की मांग कर रही है और अभी तो मेरे
4:09 पास बिरयानी
4:11 के लिए मुझे ऊंचे पहाड़ी पर जाना होगा पर
4:15 मैं मेरे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर
4:18 उतनी दूर नहीं जा शक्ति बस इतनी सी बात
4:23 मैं हूं ना मैं पहाड़ी इलाकों में जाकर
4:26 मेरी ए ले आऊंगा
4:27 [संगीत]
4:35 [प्रशंसा]
4:49 बिना इसलिए मैंने ऐसा कहा तुम भी ना गोरी
4:53 बहुत दोनों से जग्गू से मांग रहा है क्या
4:58 आपने लाकर दिया कोई जरूर नहीं है किसी की
5:02 मदद करने की अब सीधा मेरे साथ घर चलो कालू
5:07 कौवा वहां से चला जाता है
5:11 नहाना है अरे जग्गू तुझे नहाने की कोई
5:16 जरूर नहीं है तू तो वैसे भी साफ-सुथरा है
5:29 तुम परेशान क्यों होती हो मैंने अभी अभी
5:33 सब सुन लिया है तुम्हें कम क्यों नहीं
5:36 करती मैं तुम्हारी बच्चों की देखभाल करता
5:39 हूं तुम पहाड़ी इलाकों में जाकर बिरयानी
5:42 लेकर आओ लाडो को बुरी पर बिल्कुल भी भरोसा
5:46 नहीं था लेकिन उसे बच्चों को
5:49 स्विमिंग ताल में नहलाना भी था फिर भी
5:52 लाडो ने बुरे से पूछा लेकिन तुम मेरी मदद
5:55 क्यों कर रहे हो
6:01 तुम आते समय मेरे लिए भी मेरे लेकर आना
6:13 लाडू बेरिया लाने के लिए पहाड़ी इलाकों की
6:17 और चल पड़ती है
6:19 अरे वह यह तो बहुत अच्छा हुआ मुझे पता चला
6:24 है पहाड़ी इलाकों से हमारी जंगल की और तेज
6:29 तूफान ए रहा है मुझे नहीं लगता की लाडो
6:33 उसे तेज तूफान में बैक पाएगी फिर मैं इन
6:36 दो बच्चों को घर से बाहर फेक दूंगा लाडो
6:40 के जाते ही बड़ा बच्चों को घोसला से बाहर
6:43 निकाल देता है और घोसला का दरवाजा लगा लेट
6:46 है बच्चे अपनी मां की याद में रन लगता हैं
6:50 इधर लाडो जैसे तैसे करके आगे बढ़नी रही
6:54 वैसे ही तेज हवा भी बढ़ाने लगी लगता है इस
6:58 तेज तूफान में मैं उड़ नहीं पाऊंगी लाडो
7:02 चिड़िया हर माने वालों में से नहीं थी
7:05 बड़ी कठिनाइयां का सामना करते हुए वह आगे
7:09 बढ़नी रही तभी उसके सामने से मीनू मौसी
7:13 उड़ते हुए ए जाति है
7:15 [संगीत]
7:17 चलो वापस
7:19 बारिश के साथ साथ बहुत बड़ा तूफान भी आने
7:23 वाला है
7:24 अच्छा अच्छा ठीक है मौसी
7:27 [संगीत]
7:29 वो दोनों वापस जंगल में ए जाति है
7:32 लाडो बहुत तेज बारिश शुरू हो गई है
7:35 तुम्हें कम करो बारिश रुकने तक मेरे घर
7:39 में रुक जो बारिश थमते ही चली जाना
7:43 दोनों मीनू मौसी के घोसला के अंदर चली
7:46 जाति है बारिश अपने होरो पर थी मेरे बच्चे
7:50 ठीक तो होंगे ना इधर बेचारे बच्चे तेज
7:54 बारिश में भीगी रहे थे वह दोनों एक पेड़
7:58 की डाली पर बैठ जाते हैं जहां पर कम बारिश
8:01 का पानी ए रहा था तभी उनको उसे पेड़ के
8:05 तने से आवाज आई है
8:07 बच्चों इधर आओ बच्चे अंदर चले जाते हैं
8:12 इधर पूरा कौवा मजे में घोड़े बेचकर सो रहा
8:16 था
8:18 तभी एक तेज हवा का जोका ए जाता है और पूरे
8:23 कौवे का घोंसला पानी में गिर जाता है
8:26 बड़ा घर का दरवाजा खोल नहीं पता और वह डब
8:30 जाता है थोड़ी डर बाद बारिश कम हो जाति है
8:40 और देखते है तो क्या उसका गुस्सा तो वहां
8:44 पर नहीं था वह सब तरफ खोज करने लगती है
8:49 तभी उसे बुलबुल चिड़िया मिट्टी में डाबी
8:53 हुई दिखाई देती है लाडो लाडो मुझे बचाओ
8:57 मेरा मिट्टी का घर बारिश में गाल गया और
9:01 मैं मिट्टी में दास गई
9:03 परवाना करते हुए लाडो बुलबुल चिड़िया को
9:07 गली मिट्टी से बाहर निकलते है
9:10 लाडो मुझे माफ कर दो मैंने तुम्हारे साथ
9:14 बहुत बड़ा बर्ट किया
9:16 लाडो बुलबुल को कुछ ना बोलते हुए अपने
9:20 बच्चों को खोजना लगी तभी पेड़ के तने से
9:24 बच्चे बाहर ए गए और अपनी मां को पुकारने
9:27 लगे
9:32 बहुत खुश हो गई
9:50 मां जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर आप
9:54 मेरे बच्चों को आसराना देती तो मेरे बच्चे
9:57 इस तेज बारिश को सा नहीं पाते कुछ दिन
10:01 गुर्जर जाते हैं फिर एक दिन सारे पंछी
10:05 मिलकर जंगल के बिशन बीच खुला मैदान में
10:09 पुल बना देते हैं जिसमें वो रोज नहाने
10:13 लगता हैं दोस्तों आपको स्विमिंग ताल में
10:17 नहाना अच्छा लगता है या नदी में हमें
10:20 कमेंट्स में जरूर बताना और स्टोरी अच्छी
10:23 लगे तो लाइक शेर और सब्सक्राइब जरूर करना
10:27 [संगीत]